इस बार जम्मू-कश्मीर स्थित अमरनाथ गुफा की यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों को पहले से कहीं अधिक बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस यात्रा के रास्ते में स्थित शौचालयों की भरपूर साफ-सफाई की जाएगी वहीं तीर्थ यात्रियों के लिए विशुद्ध पेयजल और सामुदायिक रसोईघर की व्यवस्था होगी।
अमरनाथ गुफा की यात्रा 30 जनवरी से शुरू होगी और यह यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी। तीर्थ यात्रियों को प्रदूषण मुक्त माहौल में तीर्थ यात्रा का मौका मिलेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार ने इसकी जानकारी दी। हर साल हजारों हिन्दू तीर्थ यात्री अमरनाथ गुफा स्थित हिम शिवलिंग का दर्शन करने के लिए निकलते हैं। अमरनाथ गुफा दूर-दराज के तीर्थ यात्रियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रही है। तीर्थ यात्रियों को 13500 फुट से अधिक की ऊंचाई से होकर गुफा तक पहुंचना होता है। अरुण कुमार, जो राज्यपाल के प्रधान सचिव भी हैं, ने बताया कि पूरे रास्ते में सामुदायिक रसोईघरों की व्यवस्था होगी। इसके अलावा बेस कैम्प में भी तीर्थ यात्रियों के लिए रसोईघर की व्यवस्था होगी।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बेस कैम्प की साफ-सफाई पर खास ध्यान रखने को कहा गया है। श्राइन बोर्ड ने अभी तक तीर्थ यात्रियों के लिए करीब 100 सामुदायिक रसोईघरों का पंजीकरण किया है। कई और लोगों ने ऐसे रसोईघर की स्थापना के लिए आवेदन करने का संकेत दिया है। यहां तीर्थ यात्रियों को मुफ्त भोजन कराया जाएगा। अरुण कुमार ने बताया कि शौचालयों की स्वच्छता पर खास ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीर्थ यात्री पॉलीथीन बैग इधर-उधर नहीं फेंकने के निर्देश का भरपूर पालन करेंगे और इलाके को प्रदूषण से मुक्त बनाए रखने में मदद देंगे। लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए बोर्ड ने जगह-जगह वाटर फिल्टर उपकरण लगाए हैं। सामुदायिक रसोईघर के आसपास भी ऐसे उपकरण लगाए गए हैं। प्रत्येक बेस कैम्प में 1400 तीर्थ यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई है।
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